भारत

भारत अंताल्या में आयोजित यूएनएफसीसीसी सीओपी31 में समाधान-उन्मुख और न्यायसंगत जलवायु कार्रवाई को आगे बढ़ाएगा: श्री भूपेंद्र यादव

केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने 9 से 20 नवंबर 2026 तक तुर्की के अंताल्या में आयोजित होने वाले यूएनएफसीसीसी सीओपी31 के लिए भारत की प्राथमिकताओं को रेखांकित किया और सीबीडी सीओपी17 और यूएनसीसीडी सीओपी17 में भारत की भागीदारी के प्रमुख परिणामों पर प्रकाश डाला। श्री भूपेंद्र यादव ने आज नई दिल्ली में मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि भारत सीओपी31 में समाधान-उन्मुख दृ

भारतीय संसद परिसर का एआई से निर्मित सांकेतिक दृश्य · एआई से निर्मित सांकेतिक दृश्य
सांकेतिक चित्र · राष्ट्रीय हेडलाइंस · एआई से निर्मित सांकेतिक दृश्य · यह घटना की वास्तविक तस्वीर नहीं है।
मूल स्रोत: पत्र सूचना कार्यालय (PIB) — भारत सरकारमूल खबर पढ़ें ↗

केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने 9 से 20 नवंबर 2026 तक तुर्की के अंताल्या में आयोजित होने वाले यूएनएफसीसीसी सीओपी31 के लिए भारत की प्राथमिकताओं को रेखांकित किया और सीबीडी सीओपी17 और यूएनसीसीडी सीओपी17 में भारत की भागीदारी के प्रमुख परिणामों पर प्रकाश डाला। श्री भूपेंद्र यादव ने आज नई दिल्ली में मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि भारत सीओपी31 में समाधान-उन्मुख दृष्टिकोण के साथ क्षमता विकास, ज्ञान साझाकरण और भूगोल-विशिष्ट समाधान पर ध्यान केन्द्रित करेगा। उन्होंने कहा कि भारत जी-77 और चीन, एलएमडीसी और बेसिक के साथ मिलकर काम करेगा।

श्री यादव ने कहा कि भारत जलवायु सम्मेलन के उद्देश्यों और पेरिस समझौते के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए वैश्विक प्रयासों में सकारात्मक योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जलवायु वित्त एक प्रमुख प्राथमिकता होगी, भारत जलवायु वित्त कार्य कार्यक्रम शुरू करने के लिए सीओपी31 निर्णय की मांग कर रहा है। श्री यादव ने कहा कि वित्त अनुच्छेद 9.1 के अंतर्गत विकसित देशों का दायित्व है और इसे पूर्वानुमानित, बड़े पैमाने पर सार्वजनिक और रियायती होना चाहिए और ऋण के बोझ को नहीं बढ़ाना चाहिए। भारत एनडीसी की राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित प्रकृति का सम्मान करते हुए और न्यूनतम निर्धारित लक्ष्यों को खारिज करते हुए पक्ष-संचालित, सुविधाजनक और गैर-दंडात्मक बने रहने के लिए वैश्विक समीक्षा तंत्र पर भी जोर देगा।

श्री यादव ने कहा कि अनुकूलन भारत के लिए एक प्राथमिकता बनी रहेगी, अनुकूलन संकेतकों पर वैश्विक लक्ष्य स्वैच्छिक होगा और वित्त तक पहुंच को अनुबंधित नहीं करेगा। भारत एक पक्ष-संचालित तंत्र के माध्यम से न्यायसंगत परिवर्तन कार्य कार्यक्रम को जारी रखने का समर्थन करेगा, जो जलवायु न्याय, विकास के अधिकार और सस्ती ऊर्जा पहुंच के माध्यम से न्यायसंगत परिवर्तन को देखेगा। भारत इस बात पर जोर देगा कि प्रौद्योगिकी हस्तांतरण विकसित देशों का दायित्व है और लागत, आईपीआर और व्यापार से संबंधित बाधाओं को दूर किया जाना चाहिए। कार्बन बाजारों में भागीदारी स्वैच्छिक रहनी चाहिए। प्रेसीडेंसी एक्शन एजेंडा के अंतर्गत स्वैच्छिक पहल बातचीत से अलग रहनी चाहिए और एक समान वैश्विक लक्ष्य राष्ट्रीय परिस्थितियों के अनुरूप होने चाहिए।

भारत कृषि, खाद्य सुरक्षा और छोटे और सीमांत किसानों की आजीविका में अनुकूलन की आवश्यकता के बीच संबंध पर भी प्रकाश डालेगा। सीओपी31 में स्वीडन के साथ लीडआईटी 3.0 शामिल होगा, तटीय लचीलेपन पर उच्च-स्तरीय कार्यक्रमों के अलावा, आईबीसीए और वनों पर पैनल भी शामिल होंगे। श्री यादव ने कहा कि भारत अंताल्या में रचनात्मक भूमिका निभाएगा, एक ऐसे परिणाम की तलाश करेगा जो प्रतिबद्धताओं से कार्यान्वयन और समर्थन की ओर बढ़े।

श्री यादव ने बताया कि येरेवन (आर्मेनिया) में सीबीडी सीओपी17 के दौरान, भारत ने कुनमिंग-मॉन्ट्रियल ग्लोबल बायोडायवर्सिटी फ्रेमवर्क (केएमजीबीएफ) के प्रभावी और न्यायसंगत कार्यान्वयन के लिए अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की, जिसमें राष्ट्रीय प्राथमिकताओं, परिस्थितियों और विधायी ढांचे, सामुदायिक भागीदारी, निष्पक्ष और न्यायसंगत लाभ-साझाकरण, और पर्याप्त और पूर्वानुमानित वित्तीय संसाधनों, क्षमता-विकास और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के महत्व को रेखांकित किया गया। उन्होंने कहा कि भारत ने कन्वेंशन के अनुच्छेद 20 (2) के अंतर्गत विकसित देशों के दायित्वों को पूरा करने की पुरजोर वकालत की, योगदानकर्ता आधार के किसी भी अनिवार्य विस्तार या विकासशील देशों पर मौजूदा वित्तीय जिम्मेदारियों के बोझ का विरोध किया तथा सुलभ, पर्याप्त और न्यायसंगत जैव विविधता वित्त का आह्वान किया। श्री यादव ने डिजिटल अनुक्रम सूचना (डीएसआई) का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत ने राष्ट्रीय पहुंच और लाभ-साझाकरण (एबीएस) ढांचे और संप्रभु अधिकारों का सम्मान करने के महत्व को रेखांकित करते हुए कैली फंड सहित बहुपक्षीय तंत्र के माध्यम से निष्पक्ष और न्यायसंगत लाभ-साझाकरण की आवश्यकता पर बल दिया है। उन्होंने कहा कि भारत ने राष्ट्रीय परिस्थितियों और प्राथमिकताओं द्वारा निर्देशित केएमजीबीएफ कार्यान्वयन की वैश्विक समीक्षा के लिए एक पक्ष-संचालित, सुविधाजनक, गैर-दखल देने वाले और गैर-दंडात्मक दृष्टिकोण की भी वकालत की और जैव विविधता संरक्षण और कार्यान्वयन के लिए संपूर्ण-सरकार और संपूर्ण-समाज दृष्टिकोण की आवश्यकता पर बल दिया है।

श्री यादव ने उलानबटार (मंगोलिया) में यूएनसीसीडी सीओपी17 का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत ने खाद्य और जल सुरक्षा, जैव विविधता, आजीविका और ग्रामीण अर्थव्यवस्थाओं के केंद्र के रूप में भूमि बहाली पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एशिया-प्रशांत क्षेत्रीय समूह का अध्यक्ष चुने जाने के बाद, भारत ने वर्ष 2030 तक 26 मिलियन हेक्टेयर से अधिक भूमि को पुनर्स्थापित करने की अपनी प्रतिबद्धता और सूखे के लचीलेपन के लिए विविध, पर्याप्त, पूर्वानुमानित और निरंतर अंतरराष्ट्रीय वित्त का आह्वान किया। श्री यादव ने कहा कि भारत ने सूखे की प्रतिक्रिया से सूखे के लचीलेपन की ओर बदलाव की वकालत की है, रेंजलैंड की विज्ञान-आधारित और समुदाय के नेतृत्व वाली बहाली का समर्थन किया और पशुपालकों को संरक्षक और भागीदारों के रूप में रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारत ने घासभूमि और अन्य खुले प्राकृतिक इको-सिस्टम के लिए अपनी पहली मार्गदर्शिका भी शुरू की, जिसमें पुनर्स्थापन के लिए अपने विज्ञान-आधारित, परिदृश्य-विशिष्ट दृष्टिकोण को रेखांकित किया गया है।

श्री यादव ने कहा कि तीनों प्रक्रियाओं में भारत की भागीदारी विशेष रूप से विकासशील देशों के लिए समानता, राष्ट्रीय परिस्थितियों, विज्ञान आधारित समाधानों और कार्यान्वयन के पर्याप्त साधनों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। भारत सीओपी31 में, कार्यान्वयन, समर्थन और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को मजबूत बनाने वाले संतुलित और व्यावहारिक परिणामों की दिशा में काम करेगा इस अवसर पर पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव, श्री नरेंद्र भूषण; अपर सचिव, डॉ. अमनदीप गर्ग और श्री आशुतोष अग्निहोत्री; संयुक्त सचिव, श्री रजत अग्रवाल और श्री उदय चौधरी; आईजी (वन), डॉ. क्लेमेंट बेन के अलावा मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

***

पीके/केसी/आरटी/जेके/एसवी


ये खबरें भी पढ़िए

नगर सेवा केंद्र में नागरिक संवाद का सांकेतिक दृश्य · एआई से निर्मित सांकेतिक दृश्यभारत

भारत का रसायन और पेट्रोकेमिकल सेक्टर: औद्योगिक विकास का आधार

भारत का रसायन और पेट्रोकेमिकल उद्योग अपने विनिर्माण आधार, निवेश क्षमता और अंतरराष्ट्रीय जुड़ाव का विस्तार कर रहा है। समर्पित औद्योगिक पार्कों और इन्फ्रास्ट्रक्चर का उद्देश्य उत्पादन क्षमता में सुधार करना और निवेश को आकर्षित करना है। अनुसंधान वित्तपोषण, विशेष संस्थान और कौशल विकास उन्नत अनुप्रयोगों के लिए विशेषज्ञता का निर्माण कर रहे हैं। गुणवत्ता मानक और कार्यस्थल सुरक्षा उपाय जिम्मेदार औद्योगिक प

पत्र सूचना कार्यालय (PIB) — भारत सरकार · 16 मिनट पढ़ें
A young Indian woman library visitor reaches a help desk after finding that one step of her membership application is still unclear. · एआई से निर्मित सांकेतिक दृश्यभारत

केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) ने अपना 77वां स्थापना दिवस मनाया और गहन प्रवर्तन, डिजिटल शासन और "युवा रक्षा" मिशन के माध्यम से "नशा मुक्त युवा, विकसित भारत" हेतु भारत के दृष्टिकोण की पुष्टि की

केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) ने अपने ऐतिहासिक स्थापना दिवस के उपलक्ष्य पर 6 नवंबर 2026 को अपना 77वां स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर ग्वालियर स्थित सीबीएन मुख्यालय में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। चित्र: ग्वालियर स्थित सीबीएन मुख्यालय में आयोजित 77वें सीबीएन स्थापना दिवस समारोह का कार्यक्रम उप नारकोटिक्स कमिश्नर ने स्वागत भाषण में कहा क

पत्र सूचना कार्यालय (PIB) — भारत सरकार · 8 मिनट पढ़ें
A public library membership counter in Raipur. · एआई से निर्मित सांकेतिक दृश्यभारत

केंद्रीय राज्य मंत्री श्री रामदास अठावले ने आईएनए स्थित दिल्ली हाट में शिल्प समागम मेला 2026 का दौरा किया

केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री श्री रामदास अठावले ने आज शाम राष्ट्रीय राजधानी के आईएनए स्थित दिल्ली हाट में आयोजित शिल्प समागम मेला 2026 का दौरा किया। इस मेले का आयोजन भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा किया जा रहा है। इस अवसर पर केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री श्रीमती निमुबेन जयंतीभाई बांभनिया; राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित

पत्र सूचना कार्यालय (PIB) — भारत सरकार · 6 मिनट पढ़ें
पढ़ने की सूची देखें →
अपनी खबर खोजिए

आप क्या पढ़ना चाहेंगे?

आप अपनी भाषा में शीर्षक और विषय खोज सकते हैं।

प्रकाशित खबरों से

आज की ब्रीफिंग

  1. 01

    भारत का रसायन और पेट्रोकेमिकल सेक्टर: औद्योगिक विकास का आधार

    भारत का रसायन और पेट्रोकेमिकल उद्योग अपने विनिर्माण आधार, निवेश क्षमता और अंतरराष्ट्रीय जुड़ाव का विस्तार कर रहा है। समर्पित औद्योगिक पार्कों और इन्फ्रास्ट्रक्चर का उद्देश्य उत्पादन क्षमता में सुधार करना और निवेश को आकर्षित करना है। अनुसंधान वित्तपोषण, विशेष संस्थान और कौशल विकास उन्नत अनुप्रयोगों के लिए विशेषज्ञता का निर्माण कर रहे हैं। गुणवत्ता मानक और कार्यस्थल सुरक्षा उपाय जिम्मेदार औद्योगिक प

    →
  2. 02

    केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) ने अपना 77वां स्थापना दिवस मनाया और गहन प्रवर्तन, डिजिटल शासन और "युवा रक्षा" मिशन के माध्यम से "नशा मुक्त युवा, विकसित भारत" हेतु भारत के दृष्टिकोण की पुष्टि की

    केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) ने अपने ऐतिहासिक स्थापना दिवस के उपलक्ष्य पर 6 नवंबर 2026 को अपना 77वां स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर ग्वालियर स्थित सीबीएन मुख्यालय में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। चित्र: ग्वालियर स्थित सीबीएन मुख्यालय में आयोजित 77वें सीबीएन स्थापना दिवस समारोह का कार्यक्रम उप नारकोटिक्स कमिश्नर ने स्वागत भाषण में कहा क

    →
  3. 03

    केंद्रीय राज्य मंत्री श्री रामदास अठावले ने आईएनए स्थित दिल्ली हाट में शिल्प समागम मेला 2026 का दौरा किया

    केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री श्री रामदास अठावले ने आज शाम राष्ट्रीय राजधानी के आईएनए स्थित दिल्ली हाट में आयोजित शिल्प समागम मेला 2026 का दौरा किया। इस मेले का आयोजन भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा किया जा रहा है। इस अवसर पर केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री श्रीमती निमुबेन जयंतीभाई बांभनिया; राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित

    →
  4. 04

    व्यावसायिक जोखिमों से सुरक्षित आजीविका की ओर

    श्री रमेश कुमार (बदला हुआ नाम) के लिए नमस्ते योजना केवल सुरक्षा उपकरणों का एक सेट उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रही है। इसने अधिक सुरक्षा और गरिमा के साथ काम करने की उनकी क्षमता को मजबूत किया है। उनका अनुभव उन स्वच्छता कर्मियों को व्यावसायिक सुरक्षा, सुरक्षा संबंधी जागरूकता और सहायता उपलब्ध कराने के महत्व को दर्शाता है, जिनकी सेवाएं सार्वजनिक स्वास्थ्य और स्वच्छता के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। 60 वर्ष की

    →
  5. 05

    केंद्रीय मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने सेमीकॉन 2.0 वेब एप्लिकेशन पोर्टल लॉन्च किया और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम के तहत 12 स्वीकृत आवेदकों की घोषणा की

    भारत के सेमीकंडक्टर व इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने आज दूसरे, तीसरे और चौथे स्तंभ के लिए “सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम के तहत सेमीकॉन 2.0– वेब एप्लिकेशन पोर्टल” लॉन्च किया। साथ ही, इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (ईसीएमएस) के अंतर्ग

    →

आपकी गोपनीयता

पढ़ने की सूची और अक्षरों का आकार इसी ब्राउज़र में सहेजे जाते हैं। संपादकीय लॉग इन में सुरक्षित सत्र कुकी इस्तेमाल होती है। इस वेबसाइट से अपने-आप ईमेल या सोशल संदेश नहीं भेजे जाते।