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तेलंगाना में संशोधित भारतनेट कार्यक्रम के कार्यान्वयन के लिए डीबीएन (डिजिटल भारत निधि), दूरसंचार विभाग, तेलंगाना सरकार, टीआरआईआईसीएल, बीएसएनएल और टी-फाइबर के बीच समझौते पर हस्ताक्षर

तेलंगाना के ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल अवसंरचना को सुदृढ़ करने और ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी के विस्तार को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, दूरसंचार विभाग के अंतर्गत डिजिटल भारत निधि (डीबीएन) ने आज नई दिल्ली स्थित संचार भवन में राज्य-नेतृत्व वाले मॉडल के तहत तेलंगाना में संशोधित भारतनेट कार्यक्रम (एबीपी) के कार्यान्वयन के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। तेलंगाना राज्य में संशोधित भा

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मूल स्रोत: पत्र सूचना कार्यालय (PIB) — भारत सरकारमूल खबर पढ़ें ↗

तेलंगाना के ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल अवसंरचना को सुदृढ़ करने और ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी के विस्तार को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, दूरसंचार विभाग के अंतर्गत डिजिटल भारत निधि (डीबीएन) ने आज नई दिल्ली स्थित संचार भवन में राज्य-नेतृत्व वाले मॉडल के तहत तेलंगाना में संशोधित भारतनेट कार्यक्रम (एबीपी) के कार्यान्वयन के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए।

तेलंगाना राज्य में संशोधित भारतनेट कार्यक्रम के कार्यान्वयन के लिए डिजिटल भारत निधि (डीबीएन), दूरसंचार विभाग, तेलंगाना सरकार, तेलंगाना रूरल इंटरनेट इन्फ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड (टीआरआईआईसीएल), भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) और तेलंगाना फाइबर ग्रिड कॉरपोरेशन लिमिटेड (टी-फाइबर) के बीच इस समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।

समझौते पर हस्ताक्षर समारोह डिजिटल भारत निधि (डीबीएन) के प्रशासक श्री श्यामल मिश्रा की उपस्थिति में आयोजित किया गया। इस अवसर पर तेलंगाना सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार विभाग के संयुक्त सचिव श्री अनुदीप दुरिशेट्टी; भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के निदेशक (एंटरप्राइज बिजनेस-ईबी) श्री पापा सुधाकरा राव; दूरसंचार विभाग के उप महानिदेशक (एबीपी कार्यान्वयन-I) श्री दिनेश कुमार गर्ग; तेलंगाना फाइबर ग्रिड कॉरपोरेशन लिमिटेड (टी-फाइबर) के श्री वेणु प्रसाद पन्नेरू, जो तेलंगाना रूरल इंटरनेट इन्फ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड (टीआरआईआईसीएल) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) भी हैं, सहित दूरसंचार विभाग, डिजिटल भारत निधि और बीएसएनएल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

इस समझौते पर हस्ताक्षर कार्यक्रम के शीघ्र कार्यान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह ग्रामीण डिजिटल अवसंरचना को सुदृढ़ करने, अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी बढ़ाने और समावेशी डिजिटल विकास को प्रोत्साहित करने के प्रति केंद्र सरकार और तेलंगाना सरकार की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 4 अगस्त, 2023 को संशोधित भारतनेट कार्यक्रम को मंजूरी दी थी। इसका उद्देश्य मौजूदा भारतनेट नेटवर्क का उन्नयन, सुदृढ़ीकरण और विस्तार करना है, ताकि मांग के आधार पर सभी ग्राम पंचायतों और गांवों को मजबूत एवं भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी उपलब्ध कराई जा सके।

तेलंगाना में संशोधित भारतनेट कार्यक्रम के तहत परियोजना का कार्यान्वयन तेलंगाना रूरल इंटरनेट इन्फ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड (टीआरआईआईसीएल) के माध्यम से किया जाएगा। इस कार्यक्रम के अंतर्गत कुल 12,769 ग्राम पंचायतों को शामिल किया जाएगा। इसमें नेटवर्क की मजबूती और विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए प्रथम चरण की 1,946 ग्राम पंचायतों में नेटवर्क टोपोलॉजी को लीनियर से रिंग टोपोलॉजी में उन्नत करना, दूसरे चरण की 10,787 ग्राम पंचायतों को कवर करना तथा नवगठित 36 ग्राम पंचायतों को शामिल करना शामिल है।

भारत सरकार ने तेलंगाना में इस कार्यक्रम के कार्यान्वयन के लिए 3,189 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता को मंजूरी दी है। इस पहल से भारत सरकार की सब्सिडी सहायता के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग तीन लाख घरों को फाइबर कनेक्शन उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। इससे राज्य के ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में ई-गवर्नेंस, ऑनलाइन शिक्षा, टेलीमेडिसिन, डिजिटल भुगतान तथा नागरिक-केंद्रित सेवाओं सहित विभिन्न डिजिटल सेवाओं की उपलब्धता में उल्लेखनीय सुधार होगा।

आज हस्ताक्षरित इस समझौते से तेलंगाना में कार्यक्रम के कार्यान्वयन में तेजी आने और डिजिटल रूप से सशक्त समाज तथा ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था के विजन को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

डिजिटल भारत निधि के बारे में

डिजिटल भारत निधि (पूर्ववर्ती यूएसओएफ) की स्थापना भारतीय तार (संशोधन) अधिनियम, 2003 के तहत 1 अप्रैल, 2002 से प्रभावी रूप से की गई थी। ‘दूरसंचार अधिनियम, 2023’ के प्रावधानों के अनुसार, यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड का नाम बदलकर डिजिटल भारत निधि (डीबीएन) कर दिया गया है। डीबीएन का उद्देश्य वंचित ग्रामीण, दूरदराज और शहरी क्षेत्रों में दूरसंचार सेवाओं की पहुंच एवं उपलब्धता को बढ़ावा देकर सार्वभौमिक सेवा सुनिश्चित करना है। यह संचार मंत्रालय के दूरसंचार विभाग (डीओटी) का एक संबद्ध कार्यालय है।

डीबीएन के उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए इसके अंतर्गत भारतनेट, 4जी सैचुरेशन परियोजना, आकांक्षी जिलों के ऐसे क्षेत्रों में मोबाइल सेवाओं की उपलब्धता, जहां अभी तक मोबाइल नेटवर्क नहीं है, वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में मोबाइल सेवाएं, हिमालयी एवं सीमावर्ती क्षेत्रों में मोबाइल सेवाएं, द्वीपीय क्षेत्रों में मोबाइल सेवाएं तथा पूर्वोत्तर क्षेत्रों में मोबाइल सेवाओं सहित विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं का संचालन किया जाता है।

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पीके/केसी/आरटी/एसकेजे/एसके


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